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खराब बसों को दुरुस्त कर निजी हाथों में सौंपेगा निगम
नगर निगम के वर्कशॉप में खराब पड़ी बसों को पहले निगम दुरुस्त करवाएगा फिर निजी हाथों में सौंपा जाएगा। उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी की बुधवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया। महापौर मीना जोनवाल की अध्यक्षता और आयुक्त प्रतिभा पाल की उपस्थिति में यह बैठक हुई।
निर्णय लिया गया कि 39 सीएनजी बसों में से अभी 8 चल रही हैं, शेष 31 बसें, जो खराब पड़ी हैं। उन्हें सुधरवाने और उपयोग के लिए तैयार करने के लिए टाटा कंपनी सेे संपर्क किया जाएगा। 50 डीजल बसें जो संबंधित वेंडर के पास हैं, उन्हें चालू हालत में वापस लेकर उनके संचालन के लिए नई रूपरेखा तैयार की जाएगी। क्लस्टर आधारित बसों के लिए भी नए रूट तय किए जाएंगे। उनके लिए परमिट लिए जाएंगे ताकि उनका संचालन किया जा सके। खंडवा रूट पर चल रही बस को बुरहानपुर तक बढ़ाया जाएगा ताकि वहां के लिए सीधी बस मिल सके। भास्कर ने सोमवार को सिटी बसों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी को लेकर खबर दी थी। उसके बाद बैठक में इस पर मुहर लग गई।
संचालन में लापरवाही परऑपरेटर से 9 बसें वापस ले ली थी
मार्च के आखिरी दिन नगर निगम ने सिटी बसों काे निजी हाथों से लेकर यूसीटीएसएल कंपनी के जरिए संचालन किया था। निगम ने 39 सीएनजी बसों का ठेका निजी ऑपरेटरों को दिया था। संचालन में लापरवाही सामने आने पर ऑपरेटर से 9 सिटी बसें वापस ले ली हैं। निगम आठ बसें ही चला पाया। एक बस में खराबी के कारण नहीं चलाया जा सका। सिटी बस प्रभारी उपायुक्त योगेंद्र पटेल के अनुसार बैठक में नए रूट तय करने पर चर्चा हुई है। शहर और उपनगरीय बस सेवा के लिए जेएनएनयूआरएम के तहत 2009 में 6 करोड़ रुपए खर्च कर शुरू हुई सिटी बसे चलाई गई थी। यूसीटीएसएल ने 50 बसों को उपनगरों में और 39 काे शहर में चलाने के लिए दो अलग-अलग ठेकेदारों को ठेके पर दिया था। अनुबंध की शर्तों के अनुसार उपनगरों तक चलने वाली प्रति बस के 8400 और स्थानीय बस के चार हजार रुपए के मान से निगम को हर महीने किराया मिलना था। संबंधित ठेकेदार ने 39 में से 18 बसों का किराया दिया। इसके बाद निगम आयुक्त प्रतिभा पाल नेे फरवरी में ठेके निरस्त कर दिए। ठेकेदार ने आग्रह किया तो निगम ने उसे मानते हुए उसे बसों के संचालन की छूट दी थी लेकिन बसों का संचालन ठीक से नहीं हो पाया। ऐसे में कंपनी को फिर से सिटी बसें चलानी पड़ी।
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए नि:शुल्क संचालन
रक्षाबंधन पर्व पर सिटी बसों को महिलाओं के लिए निःशुल्क संचालित किया जाएगा। महापौर ने कहा शहर की सीमा में तेजी से हो रही बढ़ोतरी तो देखते हुए नए रूट तैयार किए जाएंगे। उनका कहना है इंदौर, देवास आैर आगर रोड की नई कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को भी सिटी बस की सुविधा मिल सके, इसके लिए जल्द ही नया रूट चार्ट तैयार किया जाएगा।